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Volume
1, Year 13, January 2012 |
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| एम.एस.एम.ई. के विकास हेतु रणनीति पर आई.आई.ए. सहारनपुर चैप्टर के अध्यक्ष श्री राजेन्द्र गाबा का संदेश |
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एम.एस.एम.ई. सेक्टर के माध्यम से अधिक रोज़गार, सरकार को प्रत्यक्ष एंव अप्रत्यक्ष रूप से ेवेन्यू एवं देश विकास के रास्ते पर आगे बढ ता है। अतः देश हित में एम.एस.एम.ई. की स्थापना सर्वोपरी है। म.एस.एम.ई. के विकास के लिए कुछ बातें जो सरकारी और गैर सरकारी स्तर पर लाभप्रद हो सकती है उन्हें निम्नलिखित रूप से प्रस्तुत कर रहा हूँ:- |
- एम.एस.एम.ई. सेक्टर के लिए स्थानीय बाजारों को विकसित करना उनके उत्पादों के लिये प्रदर्शनी एवं मेलों के आयोजन कर उन्हें मार्केटिंग सुविधा प्रदान करना आवश्यक है। बड े उद्योगों की तुलना में एम.एस.एम.ईश्रेण् ाी के उद्योगों को कर प्राविधान में छूट, एक्ससाईज ड्यूटी को तीन करोड तक की लिमिट, लेबर रेट बड े उद्योगों की तुलना में एम.एस.एम.ई. के लिए कम करना, गृह कर से मुक्ति, सस्ती विद्युत दर, ऋणों पर ब्याज दरों मे कमी, लाईसेन्स प्रक्रिया का सरलीकरण तथा नये उद्योगों की स्थापना में स्थाई पूंजी विनियोजन में सब्सिडी का प्राविधान आदि सहायता सरकार की ओर से मिलने पर एम.एस.एम.ई. उद्योग प्रतिस्पर्धा में टिक सकते हैं।
- सहारनपुर वुड कार्विंग उद्योग में १५०० के लगभग एम.एस.एम.ईइकाइय ाँ कार्यरत है। वुड कार्विंग फर्नीचर पर १२ प्रतिशत वैट एवं १ प्रतिशत सरचार्ज लगा है। अन्य वुड कार्विंग आईटम इन करों से मुक्त हैं, जबकि वुड कार्विंग फर्नीचर का भी एक्सपोर्ट होता है। इस उद्योग का निर्यात पिछले वषोर्ं में जहाँ ६०० करोड़ रूपये वार्षिक था अब सिमट कर १५० करोड वार्षिक का ही रह गया है। अतः मेरा सुझाव है कि वुड कार्विंग फर्नीचर से यह कर समाप्त होना चाहिए जिससे कि प्रतिस्पर्धा में यह उद्योग टिक सके। वुड कार्विंग उद्योग सहारनपुर की शान है।
- एम.एस.एम.ई. के संरक्षण के लिए यदि कलस्टर/हब बनाये जाते हैं तो इससे सेक्टर में काफी मजबूती आ सकती है जैसे सहारनपुर में वुड कार्विंग इन्डस्ट्रीज, हौजरी उद्योग, देवबन्द में चैप कटर उद्योग, बेहट में घंटी उद्योग तथा धौलापड ा(सरसावा) में वायर हैन्डीक्राफ्ट के कलस्टर बनाकर एम.एस.एम.ईमें मजबूती लाई जा सकती है। इस प्रकार के उद्योगों को एक जगह पर कच्चा माल, सम्बन्धित कारीगर, सम्बन्धित टूल्स एवं मशीनरी एवं खरीदार मिलने आसान हो जाते हैं जिससे उत्पाद की लागत कम हो जाती है।
- कुछ ऐसे आईटम एम.एस.एम.ई. सेक्टर के हैं जिनका फैलाव अधिक होता है जैसे कैबिनेट, कोरेगेटिड बोर्ड आदि ऐसे आईटमस के आयात को बन्द कर देना उचित है। उनके आयात करने से अधिक लागत आयेगी जबकि अपने देश में इन उत्पादों को बढ ावा देने से इस सेक्टर को मजबूती मिलेगी।
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