आई आई ए अध्यक्ष श्री नीरज सिंघल का संबोधन

आज के उद्यमी महासम्मेलन के मुख्य अतिथि हमारे परम आदरणीय एवं उत्तर प्रदेश के यशस्वी मुख्यमंत्री माननीय श्री योगी आदित्यनाथ जी आपको मैं हृदय से नमन एवं प्रणाम करता हूँ। प्रणाम करता हूँ। माननीय मंत्री एमएसएमई - आदरणीय श्री राकेश सचान जी, मुख्य सचिव, उत्तर प्रदेश - श्री दुर्गा शंकर मिश्रा जी अपर मुख्य सचिव, एमएसएमई - श्री अमित मोहन प्रसाद जी सेक्रेटरी, एमएसएमई - श्री प्रांजल यादव जी सम्मानित डायस, सभागार में उपस्थित अधिकारी गण , आईआईएके सभी पूर्व अध्यक्ष, आईआईएके समस्त पदाधिकारीगण, विभिन्न ज़िलों से आए उद्यमी बंधु, मातृ शक्ति, एवं पत्रकार बंधुओंआप सभी को मेरा हार्दिक अभिनंदन एवं प्रणाम।उद्यमेन हि सिध्यन्ति कार्याणि न मनोरथैःअर्थात “केवल मनोरथ करने से कार्य सिद्ध नहीं होते हैं” ऐसे वेद वाक्यों को चरितार्थ करने वाले हम सबके प्रिय माननीय मुख्यमंत्री जी,वर्तमान समय में आपके ओजस्वी एवं कुशल नेतृत्व में शासन व प्रशासन के प्रयासों से आज उद्योगों से सम्बंधित बहुत से क्षेत्रों में सुधारहुआ है, ODOP ने UP में हर ज़िले के उद्योग को ना सिर्फ़ जीवंतता प्रदान की है बल्कि प्रवासी श्रमिकों को भी रोज़गार सृजित कराया है।गवर्नेंस में डिजिटलाइज़ेशन के कारण आज प्रदेश में Ease of Doing Business बढ़ा है। आज उद्यमी एक भय रहित वातावरण में उद्योग चला रहा है, प्रदेश के Law & Order में Improvement के कारण उद्यमी पलायन ना करके प्रदेश में निवेश कर रहा हैं।

GIS इसका एक अच्छा उदाहरण है। UPITS के माध्यम से प्रदेश के उत्पादित माल की बिक्री देश एवं विदेशों तक पहुँची है। “उत्पाद बिकेगा, तो उत्पादन बढेगा,जब उत्पादन बढ़ेगा, तो जीडीपी बढ़ेगी और प्रदेश का विकास होगा। “आपका निरंतर Product की Packing, Quality एवं Innovation का आह्वान MSME को निरंतर प्रेरणा और आगे बढ़ने की सोच देता है। आपके इसी आवाह्न एवं सोच को आगे बढ़ाते हुए IIA ने “Transforming MSME Towards Industry 4.O & 48” की तरफ अपने प्रदेश के एमएसएमई को बढ़ाने का संकल्प लिया है जिसकी अवधारणा हम आपको विडियो के माध्यम से दिखायेंगे |हम पहले चरण में एमएसएमई हेल्थ कार्ड के माध्यम से 108 उद्यमियों का चयन कर रहे हैं, जिनको हम इस ट्रांसफॉर्मेशन में सहयोग करेंगे, कैसे उद्योग आगे बढ़ना है ? कहाँ Improvement लाना है ?यह संकल्प एक दिन या एक माह या एक साल के लिए नहीं है | जब तक हम अपने देश को विकसित देश नहीं बना पाएंगे तब तक हमारा यह प्रयास निरंतर जारी रहेगा |आपने सभी को आजादी के अमृत काल मे पंच प्रण दिलाये हैं,

पहला प्रण है : अपने देश को विकसित देश बनाना है |

दूसरा प्रण है : गुलामी के हर अंश से मुक्ति पाना है |

तीसरा प्रण है : हमें अपनी विरासत पर गर्व होना चाहिए |

चौथा प्रण है : एक भारत श्रेष्ट भारत” के हमारे सपनों के लिए एकता और एकजुटता ही ताकत है |

और पाँचवा प्रण है :हमें अपने कर्तव्यों को सर्वोपरि रखना है |

इसे ध्यान में रखते हुए हमने भी आई आईए में अपनी जिम्मेदारी समझते हुए यह प्रण लिया कि हमें प्रदेश में औद्योगिकरण बढाना है, बेरोजगारी को घटाना हैतथा देश को विकसित बनाना है।पंच प्रण का पहला प्रण अपने देश को विकसित बनाने का है। जिसमें हम सबको मिलकर आपके कुशल नेतृत्व में प्रदेश की जीडीपी को एक निश्चित समय में 2027 तक एक ट्रिलियन डॉलर इकॉनोमी की तरफ ले जाना है। MSME का योगदान इस Target को Achieve करने में महत्वपूर्ण है, क्योंकि इसमें विकास की असीम संभावनाएँ हैं। पूरे भारतवर्ष के 14 % MSME उत्तर प्रदेश में हैं|

अतः प्रदेश में MSME के और विकास तथा एक ट्रिलियन डॉलर इकॉनमी में अधिक योगदान हेतु मैं माननीय मुख्यमंत्री जी आपके समक्ष कुछ प्रस्ताव प्रस्तुत कर रहा हूँ

1. प्रदेश सरकार के विभिन्न विभाग यदि प्रदेश की MSME से Purchase करेंगी तो प्रदेश का सकल घरेलु उत्पाद और बढेगा, इसके लिए आपसे निवेदन है कि :

I. UP purchase policy 2020 में टेंडर कंडीशन में रिफार्म की आवश्यकता है, उनको केंद्र की पालिसी के समकक्ष लाया जाए |

II. UP Purchase पॉलिसी में 25% Manufacturing अर्थात Goods सेक्टर से एवं 25% Service सेक्टर से कर दी जाए |

III. प्रदेश आयुष विभाग में राष्ट्रीय आयुष मिशन की गाइडलाइन्स के अनुसार औषधियों की खरीद की जाये |

IV. उद्योग की प्रगति में समय से पेमेंट मिलना अति आवश्यक है । हमारा आपसे अनुरोध है कि सभी सरकारी संस्थान अपनी परचेज की पेमेंट के लिए TReDS प्लेटफार्म का उपयोग करे जिसका G.O भी जारी है |

2. माननीय मुख्यमंत्री जी, पंच प्रण में हमनें यह भी प्रण लिया है कि हमें गुलामी के हर अंश से मुक्ति पाना है | ब्रिटिश कालीन नीतियों में एक सोच उनकी यह रहती थी कि किसी भी तरह भारत में औद्योगिकरण ना बढ़े। उन्होंने बहुत से ऐसे कानून को बनायाजिससे यहाँ का उद्यमी प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप में या तो विदेशी माल पर निर्भररहे अथवा इंस्पेक्टर राज एवं प्रशासनिक कार्यपूर्ति में फंसा रहे। परन्तु आज आपके नेतृत्व में प्रदेश में ऐसे माहौल का निर्माण हो रहा है जिससे हम Minimum गवर्नमेंट और Maximum गवर्नेंसकी तरफ बढ़ रहे हैं |पिछले 6 साल में जिस तरीके से प्रदेश में औद्योगिक माहौल खड़ा हुआ है वह अपने आप में काबिले तारीफ है |इस दिशा में माननीय मुख्यमंत्री जी आपने Land Reform में काफी सुधार किए हैं। Land Use Change की व्यवस्था आज ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से उपलब्ध है। माननीय मुख्यमंत्री जी आपके समक्ष UPSIDA/ DIC केअन्तर्गत उ0प्र0 की औद्योगिक भूमि पर स्थापित उद्योगों की एक समस्या से अवगत कराना चाहूँगा। इन संस्थानों में कार्यरत उद्योग में यदि कोई नया Product Add करना है या चेंज करना है, बैंक से लिमिट लेनी है अथवा Limit बढ़ानी है, अपने उद्योग में ख़ाली जगह को किसी सूक्ष्म औद्योगिक इकाई को किराये पर देना है या उस उद्योग को अपने Blood Relation में देना है तो इसकी अनुमति के लिए बार - बार उद्यमियों को दफ्तरों के चक्कर लगाने पड़ते हैं और कुछ प्रकरणों में प्रताड़ित भी होना पड़ता है। इस समस्या के समाधान के लिए माननीय मुख्यमंत्री जी हमारा आपसे करबद्ध अनुरोध है कि प्रदेश में लीज होल्ड की औद्योगिक भूमि को – इस शर्त के साथ कि इसका भू-उपयोग केवल औद्योगिक ही रहेगा व अन्य किसी प्रयोजन के लिए उपयोग नहीं होगा तथा जो इकाइयाँ एक निश्चित समय से उत्पादन में हैं उनको ही फ्री होल्ड कराने की कृपा करें | इस प्रकार औद्योगिक भूमि को फ्री होल्ड करने से औद्योगिक विकास भी होगा और औद्योगिक क्षेत्रों का स्वरुप भी नहीं बदलेगा |हमारे इस प्रस्ताव से जहाँ सरकार को राजस्व प्राप्त होगावहीं उद्योग जगत में सकारात्मकता आएगीएवं प्रदेश का औद्योगीकरण बढेगा |आपके संज्ञान में लाना चाहूँगा कि जिला उद्योग केन्द्रों की भूमि पर Free Hold का शासनादेश लागू है, लेकिन वह 1 हेक्टेयर या 1 हेक्टेयर से अधिक के क्षेत्रफल पर ही लागू है। MSME जिनके छोटे Plot हैं, वह इसके लाभ से वंचित रह गये हैं, इस पर भी आपका पुनः विचार प्रार्थनीय है।

3. आदरणीय महोदय, आपने Blood Relation में आवासीय सम्पत्ति को 5 हजार के Stamp शुल्क से Transfer करने का लाभ दिया है। हम इसके लिए आपका आभार व्यक्त करते हैं तथा आपसे निवेदन करते हैं कि यह प्रावधान औद्योगिक संपत्तियों पर भी लागू कर दिया जाए जिससे पारिवारिक विवादों में कमी आए और औद्योगिक विकास भी हो।

4. आदरणीय मुख्यमंत्री जी, वर्ष 2010 के बाद यू पी में पोल्युशन कंट्रोल बोर्ड की कोई भी OTS स्कीम नहीं आई है | जब एक स्टार्टअप नई सूक्ष्म यूनिट लगाता है तो उसको आधे से ज़्यादा क़ानून नहीं पता होते है एवं उनका पालन Unintentionally छूट जाता है| हमारा आपसे अनुरोध है कि एमएसएमई के लिए पुनः एक बार OTS स्कीम लाई जाए।

5. माननीय मुख्यमंत्री जी,CAQM के आदेशानुसार दिल्ली से सटे राज्यों में उद्योगों को अपने डीजल जेनरेटर Duel Fuel या नए जेनरेटर पर कन्वर्ट करने है | हमें एनजीटी का आदेश तो मानना है परंतु इसे करने के लिय सूक्ष्म लघु उद्यमी को एक बड़ी राशि की आवश्यकता पड़ती है। हमारा आपसे अनुरोध है कि एमएसएमई की टेक्निकल Upgradation स्कीम में नए जेनेरेटर एवं कन्वर्शन किट आदि का समायोजन किया जाए |

6. सोलर पालिसी में एमएसएमई उद्योगों को पूर्व की भांति नेट- मीटरिंग की सुविधा पुनः लागू करवाने का अनुरोध है । जिससे सौर ऊर्जा का उपयोग उद्योगों में भी बढे।

7. माननीय मुख्यमंत्री जी, आपने पूरे प्रदेश में इंस्पेक्टर राज को लगभग समाप्त कर दिया है परंतु कुछ स्वार्थी तत्वों द्वारा उद्यमियों को प्रताड़ित करने अथवा पिछले दरवाजे से इंस्पेटर राज को कुछ विभागों के द्वारा वापस लाने के प्रयास हो रहे हैं | आपसे निवेदन है कि कुछ विभागों की जो परमिशन अभी ऑनलाइन होने से रह गई है उनको भी ऑनलाइन प्रक्रिया में लाई जाए, क्योंकि Digitization से Minimum गवर्नमेंट और Maximum गवर्नेंस की तरफ बढ़ेंगे |

8. Artificial Intelligence के कारण सिस्टम द्वारा रिपोर्ट में एक रुपये से भी कम के अंतर होने पर भी राज्य GST विभाग अपने कार्यालय पर नोटिस देकर बुला रहा है और व्यापारियों को अनावश्यक परेशान किया जा रहा है |आपसे निवेदन है कि सुगमता के लिए केन्द्र GST के अनुरूप ही प्रक्रिया ऑनलाइन करायी जाए, इससे उद्यमियों में सन्तोष बढेगा |

9. प्रदेश उद्योग बंधु आपकी अध्यक्षता एवं सानिध्य में हो जाए तो उद्योगों की अनेक समस्याओं का त्वरित समाधान होगा।

माननीय मुख्यमंत्री जी, विगत उद्यमी महासम्मेलन के बाद आपके आदेशानुसार जिन MSME को औद्योगिक नीति के अनुसार इंसेंटिव नहीं मिले थे उनकी सूची हमनें MSME विभाग को दी थी |उनमें से अधिकतर उद्यमियों को इंसेंटिव मिल गये हैं, उनकी तरफ़ से हम आपका आभार प्रकट करते हैं। प्रदेश सरकार जिस प्रभावी तरीके से कार्य कर रही है तथा निरंतर सुधार ला रही है, शायद उससे जनमानस में एक आशा का संचारण हो रहा है |“डबल इंजन की सरकारएमएसएमई के ग्रोथ की म्भावनाएँ अपरम्पार”एक ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी की आप जो उम्मीद रखते हैं उसको पूरा करने के लिए हम सब आपके साथ हैं |मैं यह विश्वास दिलाता हूँ कि इण्डियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन एवं इसके सभी सदस्य मिलकर अपने प्रदेश के इस लक्ष्य की प्राप्ति में पूर्ण सहयोग करेंगे । मुझे यह बताते हुए काफी हर्ष हो रहा है कि आईआईए द्वारा इंडिया फ़ूड एक्सपो के 9 वां संस्करण का आयोजन कल दिनांक 1 दिसम्बर से 3 दिसम्बर 2023, तीन दिन तक आईआईए भवन लखनऊ में आयोजित हो रहा है| सभागार मे उपस्थित उद्यमी भाइयों, आज के कार्यक्रम में हमें हमारे मुख्यमंत्री जी की हमसे जो अपेक्षा है, उससे प्रेरणा लेकर हमें अपने-अपने उद्योगों को आगे बढ़ाना है,क्योंकि हम सभी अपने राष्ट्र की उन्नति एवं समृद्धि के लिए ही कार्य कर रहे हैं| मैं अपने संबोधन को विराम देते हुए प्रभु से प्रार्थना करता हूँ कि हमारे प्रदेश के यशस्वी मुख्यमंत्री जी को लंबी उम्र एवं अच्छा स्वास्थ्य प्रदान करें,जिससे हम आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश व आत्मनिर्भर भारत की तरफ़ आपके नेतृत्व में आगे बढ़ सकें | धन्यवाद ! जय हिन्द, जय भारत

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